Oriental Rail Share price: भारतीय रेलवे सेक्टर में काम करने वाली स्मॉलकैप कंपनी ओरिएंटल रेल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (Oriental Rail Infrastructure Ltd) इन दिनों चर्चा में है। कंपनी को अगस्त 2025 के आखिरी हफ्ते में लगातार दो बड़े ऑर्डर मिले हैं, जिससे निवेशकों का ध्यान एक बार फिर Oriental Rail Share price पर गया है। लगातार नए कॉन्ट्रैक्ट्स मिलने से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में शेयर पर एक्शन देखने को मिलेगा।
Oriental Rail Order Details
ओरिएंटल रेल को पहला ऑर्डर इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), चेन्नई से मिला है, जिसकी कीमत ₹33.76 करोड़ है। इस ऑर्डर के तहत कंपनी को LWSCWAC/EOG कोचों के लिए 38 सेट सीट और बर्थ की सप्लाई व इंस्टॉलेशन का काम करना होगा। कंपनी को यह प्रोजेक्ट दिसंबर 2026 तक पूरा करना होगा।
दूसरा ऑर्डर कंपनी की सब्सिडियरी ओरिएंटल फाउंड्री प्राइवेट लिमिटेड को मिला है। रेलवे बोर्ड ने कंपनी को BG बोगी वैगनों के लिए 1,05,000 कांस्टेंट साइड बेयरर्स (CCSB) का निर्माण और सप्लाई करने का कॉन्ट्रैक्ट दिया है। इस प्रोजेक्ट की कुल कीमत ₹60.87 करोड़ है और इसे 18 महीने में पूरा करना होगा। खास बात यह है कि इस ऑर्डर पर 90% पेमेंट सप्लाई के समय ही कर दी जाएगी, जिससे कंपनी की कैश फ्लो स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।
इन दोनों कॉन्ट्रैक्ट्स को मिलाकर अगस्त महीने में कंपनी को कुल ₹94.64 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं, जिसने निवेशकों की भावनाओं को सकारात्मक बनाया है।
Oriental Rail Share price
शुक्रवार के कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर 4% से ज्यादा की तेजी के साथ ₹165.15 पर बंद हुआ। और आज सोमवार को भी शेयर में 3% से ज्यादा की तेजी देखने को मिल रही है। निवेशक मान रहे हैं कि लगातार बढ़ते ऑर्डर बुक और रेलवे सेक्टर में मिल रहे सपोर्ट से आगे चलकर Oriental Rail Share price में रिकवरी देखने को मिल सकती है।
फिलहाल कंपनी का 52-वीक हाई ₹369.45 और 52-वीक लो ₹137.20 है। बीते एक साल में शेयर करीब 47.70% गिर चुका है, जबकि 2025 की शुरुआत से अब तक इसमें 48% से ज्यादा की कमजोरी आई है। हालांकि, पिछले 6 महीनों में इसने 7% से ज्यादा का रिटर्न दिया है।
Oriental Rail Order Book
वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही (Q1FY26) तक कंपनी और उसकी सब्सिडियरी के पास कुल ₹2,163.36 करोड़ की ऑर्डर बुक थी। हालांकि तिमाही नतीजों में कंपनी की कुल आय में गिरावट दर्ज की गई।
- कंपनी की कुल आय (Revenue) Q1FY26 में 3.4% घटकर ₹11,941.77 करोड़ रही।
- कर-पूर्व लाभ (PBT) 5.1% बढ़कर ₹830.88 करोड़ हो गया।
- कर-पश्चात लाभ (PAT) मामूली 0.3% बढ़कर ₹587.38 करोड़ रहा।
यानी, भले ही टॉपलाइन (Revenue) में गिरावट आई हो, लेकिन निचले स्तर (Profitability) पर कंपनी स्थिर बनी हुई है। यही वजह है कि निवेशकों को भरोसा है कि आने वाले समय में Oriental Rail Share price स्थिरता के साथ ऊपर जा सकता है।
निवेशकों के लिए संकेत
रेलवे सेक्टर में सरकारी निवेश लगातार बढ़ रहा है। खासकर मेक इन इंडिया और रेलवे आधुनिकीकरण की योजनाओं में निजी कंपनियों को लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं। ओरिएंटल रेल जैसी कंपनियां, जो सीटिंग, बर्थ, वैगन कंपोनेंट्स और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी हैं, इन योजनाओं से लाभ उठा सकती हैं।
कंपनी के लिए सबसे बड़ा पॉजिटिव यह है कि हाल ही में मिले ऑर्डर्स घरेलू संस्थाओं (ICF और रेलवे बोर्ड) से आए हैं। यह दर्शाता है कि कंपनी की पकड़ भारतीय रेलवे सप्लाई चेन में मजबूत है। इससे निवेशकों का भरोसा और भी बढ़ता है।
निवेशकों के लिए संकेत
वर्तमान भाव ₹165 के आसपास है और यह 52-वीक लो के करीब- करीब ट्रेड कर रहा है। ऐसे में कई निवेशक इसे वैल्यू बाय (Value Buy) मान रहे हैं। हालांकि, पिछले एक साल की गिरावट को देखते हुए शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव बने रह सकते हैं।
अगर कंपनी अपनी ऑर्डर बुक समय पर पूरी करती है और नए कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करती रहती है, तो Oriental Rail Share price में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अच्छे मौके बन सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अभी स्टॉक में वोलैटिलिटी रह सकती है, लेकिन रेलवे सेक्टर की ग्रोथ और कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक से आने वाले सालों में यह शेयर बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
Oriental Rail Share price पर हाल ही में मिले दो बड़े ऑर्डरों का सीधा असर देखने को मिला है। भले ही बीते एक साल में शेयर ने निवेशकों को नुकसान दिया हो, लेकिन रेलवे आधुनिकीकरण और बढ़ती ऑर्डर बुक इसे भविष्य के लिए मजबूत दावेदार बना रही है। जो निवेशक लॉन्ग टर्म नजरिए से देख रहे हैं, उनके लिए यह शेयर धीरे-धीरे आकर्षक साबित हो सकता है।




